नरेंद्र चंचल जब स्टार बनने के बाद घमंड में कर दिया था जगराते करना बंद तो माता ने दी ऐसी सजा की आ गयी थी अक्ल ठिकाने
भजन सम्राट के रूप में प्रसिद्ध नरेंद्र चंचल का निधन हो गया 22 जनवरी दोपहर को नरेंद्र चंचल ने अपने घर पर ही आखरी सांस ली।
वो काफी समय से बीमार चल रहे थे लेकिन वह इस दुनिया से तो चले गए लेकिन उनके गाए हुए भजनों में वह हमेशा जिंदा रहेंगे आज हम आपको उनसे जुड़ा एक किस्सा सुनाते हैं नरेंद्र चंचल का जन्म पंजाब के अमृतसर की नमक मंडी में 16 अक्टूबर 1940 को हुआ था उनका पालन पोषण धार्मिक पंजाबी परिवार में हुआ था और उन्हें बचपन में ही भजन और आरती में काफी दिलचस्पी थी इसलिए उन्होंने कम उम्र में ही जगराता में गाना शुरू कर दिया था बताया जाता है कि स्कूल के दिनों में वह काफी शरारती थे और जिसकी वजह से टीचर उन्हें चंचल कहकर बुलाते थे बाद में नरेंद्र ने चंचल को अपने नाम का हिस्सा बना लिया और उन्हें नरेंद्र चंचल के नाम से जाना जाने लगा।
कई सालों तक स्ट्रगल के बाद वह बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री का हिस्सा बने और राज कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म बोबी में गाना गाया इस गाने में उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्म फेयर अवार्ड अवार्ड मिला था साथ ही उन्हें जॉर्जिया स्टेट की सिटीजनशिप भी मिली हुई थी बॉबी फिल्म में सफलता मिलने के बाद नरेंद्र चंचल के सिर पर स्टारडम चढ़कर बोलने लगा।
उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि कैसे उन्होंने फिल्मों में हिट होने के बाद जगराता में गाना छोड़ दिया हालांकि इस बात की उन्हें सजा भी मिली उन्होंने बताया कि मैं काली मां के मंदिर में गया और वहां मुझे गाने के लिए बोला गया लेकिन मैंने ऐसे ही बोल दिया कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है घर आकर मुझे समझ में आया कि मेरी आवाज ही नहीं निकल रही है उन्होंने कहा कि मैं परेशान हो गया और कुछ समय बाद उसी मंदिर में गया वहां लोगों ने पूछा कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं थी उन्होंने माफी मांगी।
उस समय मंदिर में यज्ञ हो रहा था और वहां पर पेड़े की लस्सी मिलती थी जिसे उन्होंने मुझे पीने के लिए दिया गया उन्होंने बताया कि इसके बाद नरेंद्र चंचल जी आवाज आई इसके बाद उन्होंने प्रण लिया कि वह कभी भी माता के भजन गाने से पीछे नहीं हटेंगे 2 महीने तक बंद आवाज रहने के बाद नरेंद्र नरेंद्र बीमार भी होते तो सिर्फ जगराते और जय माता दी बोलने के लिए चले जाया करते थे।
उन्होंने कई फिल्मों में धार्मिक गाने गाए हैं जिस गाने ने नरेंद्र चंचल को रातों रात स्टार बना दिया वह 'चलो बुलावा आया है 'माता ने बुलाया है 'इस गाने के बाद उनकी आवाज काफी मशहूर हो गई नरेंद्र चंचल माता कटरा वैष्णो देवी के मंदिर में हर साल 29 दिसंबर को जाया करते थे और साल के आखिरी दिनों में वहां वे परफॉर्म भी करते थे।
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